Wednesday, April 20, 2011

इन आखों में आंसू

"इन आखों में आंसू कल भी थे  और आज भी हैं
बस फर्क इतना है कि,
कल तेरे आने कि ख़ुशी में जल्द बह गए,
और आज तेरे जाने के गम से आँखों में बस गए|"

"न जुबां बोलती है न हाथों  से कलम चलती है,
कुछ दर्द और दे जाती गर तू जिन्दगी,
तो शायद हम शायर ही बन जाते|"

"तुजे कैसे दिल से निकाल ले, तू तो दिल ही है
पर तुम कैसे हमें भूलोगे, ये भी एक बात है
उजालो में मत चलना, ये मेरे दिल
क्योकि ये नाचीज तो तेरा ही साया है"

"रब्ब से ज्यादा तुझे माना,
जिंदगी से ज्यादा तुझे चाहा,
हर पल फलक तक तेरे साथ चलने की चाह की,
और तुम दुनियां की भीड़ में शामिल हो गए|"

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