Saturday, April 16, 2011

तेरे जाने से


तेरे जाने से जिंदगी इस तरह खफा हो गयी|
खिली धुप में भी जैसे अँधेरी रात हो गयी||
हमको भी जुदा कर, क्या है तेरी रुखी जिंदगी में|
सुबह की कली और शाम की यादें कहने लगी||


आरजू थी तेरी की मैं बदल जाऊं|
मेरे बदलने से पहले तेरी जुस्तजू बदल गयी||
मर जाना भी क्या आसान है|
अब मौत भी कहती है में तेरी लिए नहीं||


खुश रहना भी अब एक धोखा होगा|
मेरे गम से शायद तेरी जिंदगी चल रही है||
भूलूँ मैं तुजे किस कदर ये 'जिंदगी|
तेरी यादों से मेरी दुनियाँ चल रही है||


तेरे प्यार में, मैं जलता चिराग था|
गम में चिराग का धुंआ हूँ मैं|
इस बात से खुश हूँ की आज भी तेरे साथ हूँ|
तेरी सांसो की हवा में बसा अहसास हूँ मैं||


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